Stock Exchange क्या है कैसे कार्य करता है Stock Exchange in hindi_1

Stock Exchange Kya hai : शेयर मार्किट से हर कोई पैसा कमाना चाहता है लेकिन शेयर मार्किट से पैसे कमाने के लिए आपको सबसे पहले किसी अच्छे एक Demat Account open करवाना पड़ता है अगर आप हमें पहले से follow करते है तो आपको पता होगा की Demat Account क्या है

आज की ब्लॉगपोस्ट में हम स्टॉक एक्सचेंज से सम्बंधित जानकारी को जानने वाले है स्टॉक एक्सचेंज क्या है कैसे काम करता है Stock exchange के फायदे और नुक्सान क्या है भारत में कितने स्टॉक एक्सचेंज क्या है

स्टॉक एक्सचेंज के बिना कोई भी शेयर बाजार में इन्वेस्ट नहीं कर सकता है क्युकी स्टॉक एक्सचेंज एक Organized market होता है जहाँ पर बहुत सारी कम्पनिया लिस्टेड होती है इस ब्लॉगपोस्ट को पढ़ने के बाद में आपको स्टॉक एक्सचेंज से सम्बंधित कोई पोस्ट नहीं पढ़नी पड़ेगी

स्टॉक एक्सचेंज क्या है ( Stock Exchange in Hindi )

Stock Exchange एक Organized Market होता है जहाँ पर किसी भी शेयर को खरीदने और बेचने के लिए हर समय क्रेता और विक्रेता मौजूद होते है इन्वेस्टर केवल उन्ही कंपनी के shares को खरीदते और बेचते है जो कम्पनिया स्टॉक एक्सचेंज में सुचिबद्ध होती है Stock Exchange SEBI के नियमों का पालन करते है

स्टॉक एक्सचेंज दो शब्दो से मिलकर बना हुआ है ( स्टॉक + एक्सचेंज ) किसी भी कंपनी के शेयर या बांड को स्टॉक कहा जाता है और एक्सचेंज अर्थात बेचना या खरीदना होता है यहां पर निवेशक शेयर या बांड को खरीदते या बेचते है

स्टॉक एक्सचेंज कैसे काम करता है ( Stock Exchange work in hindi )

Stock Exchange स्वतंत्र रूप से कार्य करता है यह कंपनी और इन्वेस्टर को मिलाने का कार्य करता है कोई भी निवेशक किसी भी कंपनी के shares को सीधा नहीं खरीद सकता है सबसे पहले उस कंपनी का स्टॉक मार्किट में लिस्ट होना जरूरी है

ज़ब भी किसी कंपनी को अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ती है तो वह आम जनता के द्वारा फण्ड इकट्ठा करती है जिसे IPO भी कहा जाता है ज़ब कंपनी स्टॉक मार्किट में लिस्ट हो जाती है तो उसके shares सार्वजनिक हो जाते है मतलब कोई भी निवेशक अपने Demat Account से अब उस कंपनी के shares को खरीद और बेच सकता है

स्टॉक एक्सचेंज में shares के अलावा बोड्स, म्यूच्यूअल फंड्स, Index Funds, etc. में भी ट्रेडिंग की जाती है हर इन्वेस्टर को किसी भी कंपनी में ट्रेडिंग करने के लिए Demat Account open करवाना जरूरी है इसके बिना निवेशक शेयर मार्किट में निवेश नहीं कर सकता है

Stock Exchange में list होने के फायदे

ज़ब भी कोई कंपनी अपनेआप को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करवा लेती है तो उसके लिए यह काफी ज्यादा फायदेमंद होता है कंपनी को लिस्ट कराने में बहुत से फायदे कुछ इस प्रकार है -:

# सही क़ीमत प्राप्त होना

सुचिबद्ध हुई कंपनी की क़ीमत उनकी डिमांड और सप्लाई की पावर को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाती है इसलिए इसमें निवेस्को को सही क़ीमत पर shares की प्राप्ति होती है, तो कंपनियों को उनके shares का सही मूल्य मिल पाता है

# Valuation को बढ़ाता है

ज़ब कोई भी कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती है जिसके कारण कंपनी के shares की वैल्यू बढ़ जाती है तो शेयर मार्किट में shareholders के लिए शेयर जारी करना share होल्डर के आधार एवं उनके विश्वास को बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है

# ज्यादा इन्वेस्टमेंट मिलती है

ज़ब भी किसी कंपनी को अपना बिज़नेस बढ़ाना होता है तो उसे इन्वेस्टमेंट की जरूरत पड़ती है जब उसे सही समय पर इन्वेस्टर नहीं मिलता तो वह अपने shares को सार्वजनिक करने के लिए कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करती है जिसके कारण आम जनता उस कंपनी की तरफ आकर्षित होती है और कंपनी को बिना किसी बड़े इन्वेस्टर के आम जनता से फंडिंग मिल जाती है यह तरीका सभी कंपनी के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है

Stock Exchange में निवेश करने के तरिके

अगर आप भारत में निवेश कर रहे है तो आप स्टॉक एक्सचेंज में दो तरीको से निवेश कर सकते है

Stock Exchange

# Primary Market

Primary Market से अभिप्राय यह है की ज़ब भी कंपनी अपने शेयर को पहली बार मार्किट में लाती है तो निवेशक उसे प्राइमरी मार्किट में buy करता है मतलब निवेशक वह शेयर को किसी अन्य निवेशक से नहीं खरीदता सीधा कंपनी से खरीदता है

# Secondry Market

आमतौर पर सेकंडरी मार्किट को ही शेयर बाजार कहा जाता है ज़ब आप किसी भी शेयर को कंपनी से ना खरीद कर किसी भी अन्य निवेशक से खरीदते है तो वह Secondry market कहलाती है

भारत में मुख्य Stock Exchange

# NSE ( National Stock Exchange )

National Stock Exchange की स्थापना 1992 में की गयी थी यह दुनिया का 11 वा स्टॉक एक्सचेंज है सन 1992 में ज़ब शेयर बाजार में scams बढ़ने लग गए तो मार्किट में frauds को कम करने हेतु भारत सरकार ने SEBI ( Security and Exchabge Board Of India ) का गठन किया था जिसका उदेश्य शेयर बाजार में नए नियमों को लागु कर मार्किट का विकास करना है

1992 से पहले शेयर बाजार में सिर्फ BSE का इस्तमाल किया जाता था लेकिन ज़ब Scams के बढ़ते SEBI ने BSE को इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग करने को कहा तो BSE ने यह करने से साफ इंकार कर दिया जिसके चलते NSE का गठन किया गया और सभी कागजी लेनदेन को smart तरिके से किया जाने लगा.

NSE में 1996 में Nifty की शुरुआत की गयी थी Nifty NSC का Benchmark Index है Ninfty के अंतर्गत भारत की Top 50 कंपनियों को शामिल किया है

# BSE ( Bombay Stock Exchange )

Bombay Stock Exchange दुनिया का 10वा सबसे बढ़ा स्टॉक एक्सचेंज है बीएसई में लगभग 5500 से भी ज्यादा कम्पनिया रजिस्टर है बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारत का नहीं बल्कि एशिया का सबसे बढ़ा स्टॉक एक्सचेंज है जिसे शेयर बाजार में 140 साल से भी ज्यादा का अनुभव है

Nifty की तरह ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का भी एक बेंचमार्क index है जिसे सेंसेक्स के नाम से जाना जाता है इस सूचकांक को पहली बार 1986 में पेश किया गया था Sensex के अंदर ही 30 कंपनियों को रखा गया है इन कंपनियों की परफॉरमेंस के आधार पर ही बीएसई का result तय किया जाता है

Conclusion

आज की ब्लॉगपोस्ट में हमने Stock Exchange क्या है कैसे काम करता है के बारे में जानकारी प्राप्त की है अगर आपको पोस्ट पढ़कर जानकारी थोड़ी भी मददगार लगी हो तो इस पोस्ट को आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे हम उम्मीद करते है की यह ब्लॉगपोस्ट पढ़ने के बाद में आपको Stock exchange की जानकारी हेतु कोई अन्य पोस्ट नहीं पड़नी पड़ेगी

मैं Securehindi का founder हूँ मैं BCA का student हूँ इसीलिए मैं इस ब्लॉग के माध्यम से हर भारतीय तक इन्वेस्टमेंट, ब्लॉकचैन, Crypto, की जानकारी को हिंदी मैं पहुंचना चाहता हूँ अगर आप इन सब के बारे में जानने के लिए इच्छुक है तो हमें अभी फॉलो करे

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